गर्मी और बरसात में गमले के पौधों की देखभाल कैसे करें
गर्मी में गमला एक दिन में सूख सकता है और बरसात में हफ़्ते भर गीला रह सकता है। जानिए गर्मी में कब और कितना पानी दें, छाँव और मल्च कैसे करें, और बरसात में पानी की निकासी कैसे ठीक रखें और जड़ सड़न, फफूँद, कीड़ों व प्लेटों में पनपते मच्छरों से कैसे बचें।
Lasaki Ceramics टीम19 मिनट
प्रोडक्ट की जानकारी जाँची गई: 28 अक्टूबर 2026

इस गाइड में
गमले में लगे पौधों के लिए साल में दो मौसम सबसे भारी पड़ते हैं, और दोनों की मुश्किलें बिल्कुल उलटी हैं। मई में धूप वाली बालकनी पर रखा छोटा गमला सुबह पानी देने के बाद भी शाम तक सूख सकता है। अगस्त में वही गमला हफ़्ते भर गीला रह सकता है और जड़ों को हवा मिलनी बंद हो जाती है। गमले में मिट्टी थोड़ी होती है और फ़ालतू पानी के निकलने का एक ही रास्ता है, नीचे का ड्रेनेज छेद, इसलिए गमला क्यारी के मुक़ाबले कहीं जल्दी सूखता भी है और पानी से भरता भी है।
इस गाइड में बताया गया समय मोटा अंदाज़ा है, क्योंकि जयपुर की छत और कोलकाता की छायादार बालकनी का हाल बिल्कुल अलग होता है, और हर पौधे की ज़रूरत भी अलग होती है। आख़िरी फ़ैसला मिट्टी और पत्तियों को देखकर ही करें।
गर्मी: तेज़ धूप में गमलों को कैसे बचाएँ
बरसात से पहले के गर्म महीनों में, जो आपके शहर के हिसाब से मोटे तौर पर मार्च से जून तक चलते हैं, दो ही काम हैं: मिट्टी में नमी बनाए रखना और गमले को तपने से बचाना।
रोज़ जाँचें, फिर भरपूर पानी दें
- रोज़ देखें, कभी-कभी दिन में दो बार। ब्रिटेन की रॉयल हॉर्टिकल्चरल सोसाइटी (RHS) की सलाह है कि गर्म या तेज़ हवा वाले दिनों में गमले रोज़ जाँचें, और बहुत गर्मी हो तो दिन में दो बार।
- कैलेंडर नहीं, उंगली से तय करें। उंगली को मिट्टी में पहली गाँठ तक डालें। अगर सिरे पर मिट्टी सूखी लगे, तो ज़्यादातर पत्तेदार पौधों को पानी चाहिए (अमेरिका का क्लेम्सन यूनिवर्सिटी एक्सटेंशन)। सकलेंट्स और कैक्टस, जैसे एलोवेरा, इसका अपवाद हैं: उनकी मिट्टी पूरी सूखने दें।
- इतना पानी दें कि ड्रेनेज छेद से निकलने लगे। थोड़ा-सा छिड़कने से बस ऊपर की दो-चार सेंटीमीटर मिट्टी भीगती है। अगर पानी डालते ही सीधा नीचे निकल जाए, तो शायद सूखी मिट्टी सिकुड़कर गमले की दीवारों से अलग हो गई है (कोलोराडो स्टेट यूनिवर्सिटी एक्सटेंशन)। तब गमले को थोड़े पानी में खड़ा कर दें, ऊपर की मिट्टी नम लगने पर निकाल लें और फ़ालतू पानी बह जाने दें।
- सुबह जल्दी पानी दें। यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया (UC) के अनुसार आम तौर पर सुबह जल्दी पानी देना सबसे अच्छा है। लू चल रही हो, तो खुले में रखे गमलों को शाम को भी पानी देना पड़ सकता है।
छाँव दें, पास-पास रखें, फ़र्श से ऊपर उठाएँ
- दोपहर बाद की छाँव ढूँढें। पश्चिम की ओर खुलने वाली बालकनी पर दोपहर बाद की धूप आती है। जो जगह सुबह छाँव में रहती है, वह भी दोपहर के बाद तप सकती है (पेन स्टेट यूनिवर्सिटी एक्सटेंशन)। नॉर्थ कैरोलिना स्टेट यूनिवर्सिटी (NC State) एक्सटेंशन के अनुसार तुलसी को रोज़ छह या उससे ज़्यादा घंटे सीधी धूप चाहिए, इसलिए उसे धूप में ही रहने दें और पानी का ध्यान रखें; हाँ, बहुत तेज़ लू में छोटे गमले वाली तुलसी को दोपहर बाद थोड़ी छाँव दे सकते हैं। मनी प्लांट (पोथोस) के साथ उलटा है: गर्मियों की सीधी धूप इसकी पत्तियाँ झुलसा सकती है (RHS)।
- जिन गमलों को हटा नहीं सकते, उन पर शेड नेट लगाएँ। UC 30 से 50 प्रतिशत वाली शेड नेट की सलाह देती है, जो डंडों के सहारे इस तरह तनी हो कि पौधों को न छुए।
- गमलों को पास-पास रखें। पास रखे गमले एक-दूसरे को छाँव देते हैं और आसपास की हवा में नमी बढ़ाते हैं (RHS)।
- गर्म फ़र्श से ऊपर उठाएँ। गर्म छत पर गमलों को किसी ऐसी चीज़ पर रखें जिसके नीचे से हवा निकल सके, जैसे लकड़ी का पैलेट या स्टैंड (क्लेम्सन)।
- पानी देने के बाद प्लेट ख़ाली करें। धूप में रखी उथली प्लेटें जल्दी तप जाती हैं (UC)।
ट्रे पर रखे छोटे गमलों को छाँव में ले जाना आसान रहता है, और बाद में ट्रे का जमा पानी एक झटके में फेंक सकते हैं। इस गाइड में दिए प्रोडक्ट के सभी नाप हमारे कैटलॉग डेटा से हैं। लंबी Slato tray antique लगभग 23.5 × 11.5 सेमी की और 2.5 सेमी ऊँची है, और गोल Bubble big tray mint लगभग 13 सेमी चौड़ी और 3 सेमी ऊँची है, यानी यह एक छोटे गमले के लिए ठीक है।
बड़े गमले का वज़न ध्यान में रखें
सेरामिक गमला मीडियम साइज़ का भी हो, तो मिट्टी भरने से पहले ही भारी हो सकता है। Morvo rustic लगभग 20 सेमी ऊँचा और 20 सेमी चौड़ा है, और इसका वज़न लगभग 2.5 किलो बताया गया है। गीली मिट्टी भरने पर यह कहीं ज़्यादा भारी हो जाता है। भारी गमले की जगह बदलनी हो तो पानी देने से पहले बदलें, बाद में नहीं, और जहाँ हो सके, उठाने के बजाय ज़मीन पर सरकाकर ले जाएँ। जिन गमलों की जगह हर मौसम में बदलती है, उनके लिए NC State पहियों वाले स्टैंड (ट्रॉली) की सलाह देता है।
मिट्टी के ऊपर मल्च बिछाएँ
मल्च, यानी मिट्टी के ऊपर बिछाई जाने वाली परत, भाप बनकर उड़ने वाला पानी कम करती है (RHS) और मिट्टी को ठंडा रखती है (UC)। गमलों में पेड़ की छाल के टुकड़े, नारियल के छिलके के टुकड़े या छोटे कंकड़, सब चल जाते हैं। परत इतनी पतली रखें कि उंगली आराम से अंदर जा सके।
गर्मी को ध्यान में रखकर गमला चुनें
- तेज़ धूप के लिए हल्का रंग। गहरे रंग के गमले ज़्यादा गर्मी सोखते हैं, जिससे मिट्टी जल्दी सूखती है, और NC State उन्हें तेज़ धूप से दूर रखने की सलाह देता है। अमेरिका के कृषि विभाग (USDA) के नर्सरी गमलों पर हुए शोध में सफ़ेद गमलों में नीचे की परत का तापमान काले गमलों से लगभग 4 से 7 °C कम रहा। Vaidika white लगभग 15 सेमी ऊँचा और 15 सेमी चौड़ा है, और सफ़ेद गमलों में और भी कई आकार हैं।
- बड़ा गमला देर से सूखता है (UC)। पर जड़ों के हिसाब से बहुत बड़े गमले की मिट्टी में इतना पानी रुका रहता है कि पौधा उसे सोख ही नहीं पाता, और इलिनॉय यूनिवर्सिटी एक्सटेंशन के अनुसार इससे जड़ें सड़ सकती हैं। इसलिए गमला एक बार में एक ही साइज़ बड़ा करें।
- छोटे गमलों पर सबसे ज़्यादा नज़र रखें, ख़ासकर गर्म और तेज़ हवा वाले मौसम में (NC State)। डेस्क पर रखे जाने वाले छोटे गमलों में बहुत कम मिट्टी आती है, जैसे Peblo small white में, जो लगभग 7 सेमी ऊँचा और 9 सेमी चौड़ा है। ऐसे गमले सबसे पहले जाँचें।
बरसात: पानी ज़्यादा, हवा कम
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की सामान्य तारीख़ों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून लगभग 1 जून को केरल पहुँचता है, लगभग 8 जुलाई तक पूरे देश में छा जाता है, और अक्टूबर के बीच तक लौट जाता है। तमिलनाडु में साल की लगभग आधी बारिश अक्टूबर से दिसंबर के बीच उत्तर-पूर्वी मानसून से होती है, इसलिए वहाँ यह हिस्सा उन्हीं महीनों में काम आएगा।
पानी कम दें, और जाँचकर ही दें
जड़ों को पानी के साथ ऑक्सीजन भी चाहिए, इसीलिए क्लेम्सन एक्सटेंशन ज़रूरत से ज़्यादा पानी को गमले के पौधों के मरने की सबसे बड़ी वजह मानता है। उसके अनुसार ठंडी और कम रोशनी वाली जगह के पौधे को गर्म धूप वाले पौधे से कम बार पानी चाहिए। बरसात के हफ़्तों में अक्सर बादल रहते हैं, इसलिए गर्मी वाला रूटीन छोड़ दें, पर उंगली से जाँचना न छोड़ें। खुले में रखे गमलों को शायद कई दिन पानी की ज़रूरत न पड़े, और नम हवा में घर के अंदर के गमले भी देर से सूखते हैं।
पक्का करें कि पानी गमले से निकल सके
- ड्रेनेज छेद ज़रूरी है। NC State के अनुसार हर गमले में छेद होने चाहिए, ताकि जड़ें पानी में डूबी न रहें और सड़ें नहीं। देख लें कि छेद किसी चीज़ से बंद न हो।
- तले में कंकड़ की परत न डालें। गमले के तले में बजरी या कंकड़ डालने से पानी की निकासी नहीं सुधरती, क्योंकि पानी उनके ठीक ऊपर की मिट्टी में रुक जाता है (इलिनॉय एक्सटेंशन)।
- गमले ईंटों या छोटे पायों (पॉट फ़ीट) पर रखें, ताकि ड्रेनेज छेद खुले रहें (RHS)।
- बिना छेद वाले गमले। पौधा छेद वाले प्लास्टिक नर्सरी गमले में लगाएँ, उसे सजावटी गमले के अंदर रखें, और जब भी बाहरी गमले में पानी जमा हो, अंदर वाला निकालकर पानी फेंक दें (इलिनॉय एक्सटेंशन)। हमारे कैटलॉग डेटा में यह दर्ज नहीं है कि किस गमले में छेद है, इसलिए प्रोडक्ट की फ़ोटो देखें या हमसे पूछ लें।
- मूसलाधार बारिश में ढकी जगह पर रखें। RHS के अनुसार बहुत ज़्यादा बारिश के दिनों में मिट्टी तर-बतर रहे, तो गमलों को कुछ समय के लिए किसी शेड, छज्जे या बरामदे के नीचे कर दें।
जिन पौधों को गीली जड़ें बिल्कुल पसंद नहीं, उन्हें इस मौसम में सबसे ज़्यादा देखभाल चाहिए। पानी भरी मिट्टी में तुलसी ठीक से नहीं पनपती (NC State), और ज़्यादा पानी से एलोवेरा की जड़ें सड़ सकती हैं। इसलिए तेज़ बारिश शुरू होते ही इन्हें छज्जे के नीचे या बालकनी के ढके हिस्से में, जहाँ ऊपर से पानी न टपकता हो, या घर के अंदर किसी रोशनी वाली खिड़की के पास रख दें। मनी प्लांट (पोथोस) ज़हरीला होता है और एलोवेरा भी खाने पर हल्का नुक़सान कर सकता है, इसलिए दोनों को पालतू जानवरों और छोटे बच्चों की पहुँच से दूर रखें (RHS; NC State)।
बारिश में गमले की प्लेट
बरसात में बाहर रखी प्लेट बारिश के पानी से भर जाती है, और गमला पानी में खड़ा रह जाता है। RHS ब्रिटेन की गीली सर्दियों के लिए प्लेटें हटाने की सलाह देती है; हमारे यहाँ खुले में रखे गमलों के लिए यही काम बरसात में करें।
Pearl medium antique with plate लगभग 15 × 15 सेमी का और 13.5 सेमी ऊँचा है, और यह अपनी प्लेट के साथ आता है। डेटा में यह नहीं लिखा कि प्लेट गमले से अलग निकलती है या जुड़ी हुई है, इसलिए फ़ोटो देख लें या हमसे पूछ लें। अलग से मिलने वाली प्लेट, जैसे Plate circular 5 inch antique R5 (चौड़ाई लगभग 15 सेमी बताई गई) या Plate circular 6 inch black R6 (लगभग 16 सेमी), बरसात में बस हटाकर रखी जा सकती है। कैटलॉग में प्लेट वाले गमले और भी हैं। प्लेट चुनते समय गमले का मुँह नहीं, तला नापें।
जड़ सड़न (रूट रॉट) को जल्दी पहचानें
हमेशा गीली रहने वाली मिट्टी में जड़ें सड़ने लगती हैं, और यह आसानी से पकड़ में नहीं आता, क्योंकि पौधा प्यासा जैसा दिखता है।
- लक्षण पहचानें। नीचे की पत्तियाँ मुरझाने लगती हैं और परेशानी ऊपर की ओर बढ़ती है, जबकि मिट्टी गीली होती है (आयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी एक्सटेंशन)।
- जड़ें देखें। पौधे को धीरे से गमले से निकालें। स्वस्थ जड़ें सख़्त और सफ़ेद होती हैं; सड़ी जड़ें गली हुई और भूरी या लाल-सी।
- सड़ी जड़ें काटें, या पौधा फेंक दें। अगर कुछ ही जड़ें सड़ी हैं, तो उन्हें काट दें (क्लेम्सन)। अगर ज़्यादातर जड़ें काली और नरम हो चुकी हैं, तो क्लेम्सन के अनुसार पौधा फेंक देना ही बेहतर है।
- पुराना गमला दोबारा इस्तेमाल करना हो, तो पहले साफ़ करें। पुरानी मिट्टी रगड़कर निकालें, गमले को एक हिस्सा घरेलू लिक्विड ब्लीच (ब्लीचिंग पाउडर नहीं) और नौ हिस्से पानी के घोल में कम से कम 10 मिनट डुबोकर रखें, फिर साफ़ पानी से अच्छी तरह धो लें। ध्यान रखें कि घोल त्वचा और कपड़ों पर न लगे, और ब्लीच को किसी दूसरे क्लीनर (जैसे टॉयलेट या फ़र्श क्लीनर) के साथ कभी न मिलाएँ (आयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी एक्सटेंशन; CDC)।
- ताज़े, साफ़ पॉटिंग मिक्स में दोबारा लगाएँ। दोबारा लगाने के बाद तभी पानी दें जब उंगली के सिरे पर मिट्टी सूखी लगे, क्योंकि ज़्यादा पानी से जड़ सड़न का ख़तरा बढ़ता है (क्लेम्सन)।
पत्तियों पर फफूँद
पत्तियों पर धब्बे डालने वाली कई फफूँद तभी लगती हैं जब पत्ती घंटों लगातार गीली रहे (UC IPM), और बरसात की उमस में पत्तियाँ देर तक नम रहती हैं। पाउडरी मिल्ड्यू (पत्तियों पर सफ़ेद पाउडर जैसी फफूँद) भी उमस में सबसे तेज़ फैलती है (क्लेम्सन)।
- पानी मिट्टी में डालें, पत्तियों पर नहीं, और सुबह डालें ताकि रात से पहले पौधा सूख जाए।
- धब्बे वाली पत्तियाँ दिखते ही तोड़ दें।
- गर्मी में पास-पास रखने से छाँव मिलती थी, पर बरसात में गमले थोड़ा दूर-दूर रखें ताकि बीच से हवा निकल सके (क्लेम्सन; पेन स्टेट एक्सटेंशन)।
बरसाती कीड़े
- फ़ंगस नैट छोटी-छोटी, मच्छर जैसी मक्खियाँ हैं जो मिट्टी से उड़ती दिखती हैं। इनके लार्वा नम मिट्टी में पलते हैं, और दो बार पानी देने के बीच मिट्टी को थोड़ा सूखने देना ही इनका मुख्य इलाज है (कोलोराडो स्टेट यूनिवर्सिटी एक्सटेंशन)।
- घोंघे और स्लग रात में और बादल वाले दिनों में सबसे ज़्यादा निकलते हैं, और दिन में गमलों के नीचे छिपे रहते हैं (UC IPM)। अँधेरा होने पर टॉर्च लेकर इन्हें हाथ से हटा दें।
प्लेटों में मच्छर न पनपने दें
डेंगू फैलाने वाले एडीज़ मच्छर पानी वाले बर्तनों की अंदरूनी दीवार पर, पानी की सतह से ठीक ऊपर अंडे देते हैं, और अमेरिका की स्वास्थ्य संस्था CDC के अनुसार अंडे से मच्छर बनने में 7 से 10 दिन लगते हैं। भारत का राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र (NCVBDC) भी गमलों और कूलर को इनके पनपने की जगहों में गिनता है।
- घर के अंदर और बाहर रखी सभी प्लेटें और ट्रे हफ़्ते में कम से कम एक बार ख़ाली करें और रगड़कर धोएँ (CDC)। रगड़ना ज़रूरी है, क्योंकि अंडे दीवारों से चिपके रहते हैं।
- फूलदान का पानी, और बोतल में लगी मनी प्लांट की कटिंग का पानी, हर हफ़्ते बदलें।
- ख़ाली गमले और प्लेटें उलटी करके रखें, ताकि उनमें बारिश का पानी न भरे।
आँधी से पहले
ऊँचे और पतले गमले आसानी से गिर जाते हैं, ख़ासकर जब उनमें लंबे पौधे लगे हों (RHS)। तेज़ हवा या चक्रवात की चेतावनी हो, तो ऊँचे गमलों को किसी सुरक्षित कोने में कर दें, और मुंडेर, रेलिंग या छज्जे पर रखा हर गमला उतार लें, क्योंकि वहाँ से गिरा गमला नीचे किसी को चोट पहुँचा सकता है।
बारिश थमने के बाद
जो पौधे आपने बारिश से बचाने के लिए शेड या छज्जे के नीचे रखे थे, उन्हें एकदम से तेज़ धूप में न रखें; कुछ दिनों में धीरे-धीरे ज़्यादा रोशनी वाली जगह पर लाएँ, क्योंकि जगह बदलते ही अचानक ज़्यादा रोशनी मिलने से पत्तियाँ झुलस सकती हैं (UC IPM)। फिर प्लेटें वापस रखें और रोज़ जाँचना शुरू कर दें।
मौसम के हिसाब से झटपट चेकलिस्ट
| काम | गर्मी | बरसात |
|---|---|---|
| मिट्टी जाँचना | रोज़; धूप या तेज़ हवा में छोटे गमले दिन में दो बार | हर बार पानी देने से पहले, अक्सर कई दिन के अंतर पर |
| कितना पानी | जब तक छेद से पानी न निकले | उतना ही, पर तभी जब उंगली के सिरे पर मिट्टी सूखी लगे; बारिश हुई हो तो नहीं |
| प्लेटें | पानी देने के बाद ख़ाली करें | खुले में रखे गमलों से हटा दें; अंदर वाली पानी देने के बाद ख़ाली करें |
| गमले कहाँ रखें | दोपहर बाद की धूप से दूर, पास-पास, गर्म फ़र्श से ऊपर | तेज़ बारिश में शेड या छज्जे के नीचे, दूर-दूर, ईंटों या पायों पर |
| मल्च | सूखना धीमा करने के लिए पतली परत | मिट्टी गीली रहे तो परत पतली करें या हटा दें |
| किस पर नज़र रखें | दोपहर में झुकते पौधे (पहले मिट्टी जाँचें) | जड़ सड़न, पत्तियों पर धब्बे, फ़ंगस नैट, घोंघे |
| हर हफ़्ते | प्लेटें और ट्रे रगड़कर धोना | यही, और तेज़ बारिश के बाद दोबारा |
नर्सरी, गार्डन शॉप और कैफ़े के लिए
यही तरीक़ा नर्सरी की बेंच या कैफ़े के टैरेस पर भी काम करता है। Lasaki ऐसे कारोबारों के लिए सेरामिक गमले, प्लेटें और ट्रे बनाता है। बिज़नेस से जुड़ी पूरी जानकारी देखने के लिए ट्रेड एक्सेस के लिए रिक्वेस्ट भेजें, या किसी ख़ास गमले, उसके ड्रेनेज या उसके साथ जँचने वाली प्लेट के बारे में हमसे पूछें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
गर्मियों में गमले के पौधों को कितनी बार पानी देना चाहिए?
इसका कोई तय नियम नहीं है। मिट्टी रोज़ जाँचें, और तेज़ धूप या हवा में रखे छोटे गमले दिन में दो बार। जब उंगली के सिरे पर मिट्टी सूखी लगे, तब इतना पानी दें कि ड्रेनेज छेद से निकलने लगे। सकलेंट्स और कैक्टस अलग हैं: उनकी मिट्टी पूरी सूखने के बाद ही दोबारा पानी दें।
गर्मी में पौधों को सुबह पानी दें या शाम को?
आम तौर पर सुबह जल्दी पानी देना सबसे अच्छा रहता है, इससे गीली पत्तियाँ भी जल्दी सूख जाती हैं। लू के दिनों में खुले में रखे गमलों को शाम को भी पानी देना पड़ सकता है। पानी पत्तियों पर नहीं, मिट्टी में डालें।
क्या बरसात में गमलों के नीचे से प्लेट हटा देनी चाहिए?
जो गमले खुले में बारिश में रखे हैं, उनकी प्लेट हटा दें, या कम से कम हर बारिश के बाद उसका पानी फेंक दें, क्योंकि बारिश के पानी से भरी प्लेट गमले के तले को गीला रखती है। घर के अंदर के गमलों के नीचे प्लेट रह सकती है, बस पानी देने के बाद उसे ख़ाली करें और हफ़्ते में एक बार रगड़कर धोएँ।
बरसात में पौधे की पत्तियाँ पीली क्यों हो रही हैं?
पत्तियाँ पीली होने की कई वजहें हो सकती हैं, पर बरसात में ज़्यादा पानी एक आम वजह है। अगर मिट्टी गीली होते हुए भी नीचे की पत्तियाँ मुरझा या पीली हो रही हैं, तो पौधे को धीरे से निकालकर जड़ें देखें: सख़्त सफ़ेद जड़ें स्वस्थ हैं, नरम भूरी जड़ें सड़ रही हैं। बादल वाले ठंडे हफ़्तों में पौधे को गर्मियों के मुक़ाबले वैसे भी कम पानी चाहिए।
गमलों की प्लेट में मच्छर पनपने से कैसे रोकें?
अंदर-बाहर रखी हर प्लेट और ट्रे हफ़्ते में कम से कम एक बार ख़ाली करके रगड़कर धोएँ, और तेज़ बारिश के बाद भी देख लें। सिर्फ़ पानी फेंकना काफ़ी नहीं, क्योंकि एडीज़ मच्छर पानी के ठीक ऊपर बर्तन की दीवार पर अंडे देते हैं। ख़ाली गमले उलटे रखें, और फूलदान या मनी प्लांट की बोतल का पानी हफ़्ते भर से ज़्यादा पुराना न होने दें।
क्या Lasaki के गमलों में ड्रेनेज छेद होता है?
छेद की जानकारी हमारे प्रोडक्ट डेटा का हिस्सा नहीं है, इसलिए इस गाइड में हम किसी गमले के बारे में यह नहीं बताते कि उसमें छेद है या नहीं। प्रोडक्ट पेज की फ़ोटो देखें, या प्रोडक्ट का नाम भेजकर हमसे पूछें, हम देखकर बता देंगे। बिना छेद वाला गमला भी छेद वाले प्लास्टिक नर्सरी गमले के बाहर सजावटी गमले की तरह इस्तेमाल हो सकता है।
इस गाइड में बताए गए प्रोडक्ट
अपनी दुकान में Lasaki के गमले, फूलदान और सजावट का सामान रखें
रिटेलर, नर्सरी, कैफ़े और इंटीरियर डिज़ाइनर ट्रेड अकाउंट से Lasaki का पूरा कैटलॉग ऑर्डर कर सकते हैं।
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