मोरक्कन टाइल्स डिज़ाइन: किचन, बाथरूम, दीवार और सीढ़ियों के लिए आइडिया
पैटर्न वाली टाइल्स कहाँ सबसे अच्छी लगती हैं: किचन की दीवार, बाथरूम, सीढ़ियों के राइज़र और टेबल-टॉप। कम टाइल्स में ज़्यादा असर दिखाने वाले लेआउट, भारतीय घरों के लिए रंगों का मेल, ग्राउट का रंग कैसे चुनें, और टाइल का साइज़ सेंटीमीटर में कैसे पढ़ें।
Lasaki Ceramics टीम19 मिनट
प्रोडक्ट की जानकारी जाँची गई: 28 अक्टूबर 2026

इस गाइड में
किचन स्लैब के ऊपर पैटर्न वाली टाइल्स की एक पट्टी, छत पर जाने वाली सीढ़ियों पर रंग-बिरंगी टाइल्स, या किताबों की अलमारी पर फ़्रेम में रखी एक अकेली टाइल: मोरक्कन पैटर्न छोटी-बड़ी हर जगह जँचता है। पर पैटर्न ज़रूरत से ज़्यादा हो जाए, यह ग़लती भी बहुत आम है। हर दीवार पर पैटर्न, डिज़ाइन से मेल न खाता ग्राउट, या ऐसी जगह लगी टाइल जिसके लिए वह बनी ही नहीं: इनमें से कोई भी चूक पूरा लुक बिगाड़ सकती है।
इस गाइड में जानिए कि पैटर्न वाली टाइल्स कहाँ सबसे अच्छी लगती हैं, उन्हें किन लेआउट में लगाएँ, रंगों और ग्राउट का मेल कैसे बिठाएँ, और टाइल का साइज़ कैसे पढ़ें। यह गाइड डिज़ाइन के बारे में है: टाइल लगाना अनुभवी टाइल मिस्त्री का काम है, और जहाँ उनकी सलाह ज़रूरी है, वहाँ हमने साफ़ लिखा है।
"मोरक्कन पैटर्न" का असल मतलब
यह लुक मोरक्को की पारंपरिक मोज़ेक कला ज़ेलिज (zellige या zillij) से आया है। फ़ेज़ शहर की वर्कशॉप में ग्लेज़ वाली चौकोर टाइल्स से छोटे-छोटे टुकड़े काटे जाते हैं, और उन्हें जोड़कर तारे, हेक्सागन (छह कोनों वाले आकार), शेवरॉन (V जैसी ज़िगज़ैग धारियाँ) और आपस में गुँथी पट्टियों जैसे डिज़ाइन बनाए जाते हैं। ये डिज़ाइन इस्लामी कला के जियोमेट्रिक पैटर्न की बड़ी परंपरा का हिस्सा हैं, जिसमें गोल और चौकोर जैसे सीधे-सादे आकारों को बार-बार दोहराकर और आपस में गूँथकर पेचीदा डिज़ाइन तैयार किए जाते हैं।
आजकल "मोरक्कन" नाम से बिकने वाली कई टाइल्स मोज़ेक नहीं, बल्कि चौकोर टाइल्स होती हैं, जिनकी सतह पर उसी परंपरा से प्रेरित पैटर्न बना होता है। इन्हें पास-पास लगाने पर पैटर्न एक टाइल से अगली टाइल तक चलता जाता है, और जहाँ चार टाइल्स के कोने मिलते हैं, वहाँ अक्सर कोई नया रूप उभर आता है: कोई तारा, फूल या डायमंड जैसा आकार।
भारत में भी पैटर्न वाली टाइल्स की अपनी परंपरा है। अथंगुडी (आत्तंगुडी) टाइल्स, जिनका नाम तमिलनाडु के चेट्टिनाड इलाक़े के अथंगुडी गाँव से पड़ा, सीमेंट और रंगीन ऑक्साइड मिलाकर हाथ से बनाई जाती हैं, और इनमें जियोमेट्रिक और फूलों वाले डिज़ाइन होते हैं।
घर में कहाँ-कहाँ लगाएँ
ये आइडिया हर तरह की पैटर्न वाली टाइल्स के लिए हैं। किसी एक टाइल को ध्यान में रखकर दीवार या फ़र्श का प्लान बनाने से पहले, चाहे वह हमारी टाइल हो या किसी और की, सप्लायर से पक्का कर लें कि वह उस तरह की सतह के लिए बनी है।
किचन की दीवार (डैडो)
स्लैब और ऊपर की कैबिनेट के बीच की दीवार पैटर्न वाली टाइल्स के लिए सबसे आम जगह है। इसके तीन तरीक़े:
- पूरी पट्टी: एक सिरे से दूसरे सिरे तक पैटर्न। कैबिनेट और स्लैब सादे हों, तो सबसे अच्छा लगता है।
- गैस चूल्हे के पीछे एक पैनल: सादी टाइल्स के बीच पैटर्न वाला एक पैनल, जिस पर सबकी नज़र जाए। इसमें पैटर्न वाली टाइल्स भी बहुत कम लगती हैं।
- बस एक लाइन: सादी दीवार के बीच पैटर्न वाली टाइल्स की एक क़तार।
भारतीय रसोई में तड़के के छींटे, भाप और तेल रोज़ की बात है। पक्का कर लें कि जो टाइल आपको पसंद है, वह गैस चूल्हे के पीछे और सिंक के पास की दीवार के लिए ठीक है, और ग्राउट ऐसे रंग का चुनें जिस पर हर दाग़ न दिखे।
बाथरूम
- वॉशबेसिन और शीशे के पीछे की दीवार फ़ीचर वॉल के लिए सबसे आसान जगह है।
- आँखों की ऊँचाई पर पैटर्न की एक पट्टी, ऊपर और नीचे सादी टाइल्स।
- फ़र्श पर दरी जैसा पैनल: बीच में पैटर्न वाली टाइल्स, चारों ओर सादी टाइल्स का बॉर्डर।
शावर की दीवारें, बाथरूम का फ़र्श और जहाँ भी पानी रुकता हो, वे सब गीली जगहें हैं। कोई टाइल वहाँ ठीक रहेगी या नहीं, यह इस पर निर्भर करता है कि वह कितना पानी सोखती है, गीली होने पर कितनी फिसलती है, और उसे किस तरह लगाया और ग्राउट किया गया है। किसी भी टाइल के लिए, हमारी टाइल्स के लिए भी, यह फ़ैसला अनुभवी टाइल मिस्त्री को करना चाहिए।
फ़ीचर वॉल, एंट्रेंस और पूजा का कोना
शुरुआत के लिए अच्छी जगहें:
- घर का एंट्रेंस, जहाँ मेहमानों की नज़र सबसे पहले पैटर्न वाले पैनल पर पड़े।
- पूजा की शेल्फ़ के पीछे, जहाँ यह मंदिर का सुंदर बैकड्रॉप बन जाता है।
- बालकनी की दीवार, जहाँ कई गमले एक साथ रखे हों। जिस दीवार पर बारिश का पानी पड़ता हो, वह बाहर की दीवार मानी जाएगी, इसलिए पहले टाइल मिस्त्री से पूछ लें।
सादी टाइल्स या लकड़ी की पट्टी से घिरा पैटर्न वाला एक ब्लॉक अक्सर पूरी दीवार भर देने से ज़्यादा सोच-समझकर किया हुआ लगता है।
सीढ़ियाँ
सीढ़ियों पर पैटर्न बहुत सुंदर लगता है, बस वह सही हिस्से पर हो:
- राइज़र, यानी सीढ़ी का खड़ा हिस्सा जो चढ़ते समय सामने दिखता है, पैटर्न वाली टाइल्स की सही जगह है। हर सीढ़ी पर अलग पैटर्न लगाएँ तो पैचवर्क जैसा लुक आता है, और एक ही पैटर्न लगाएँ तो सारी सीढ़ियाँ एक जैसी, सधी हुई दिखती हैं। बरसात में भीगने वाली बाहर की सीढ़ियों पर राइज़र को भी बाहर की दीवार की तरह मानें, और टाइल पहले चेक करवा लें।
- ट्रेड, यानी वह हिस्सा जिस पर पैर रखते हैं, वहाँ फ़र्श के लिए बनी ऐसी टाइल चाहिए जो फिसले नहीं, ख़ासकर बरसात में भीगने वाली बाहर की सीढ़ियों पर। सप्लायर से फिसलन (स्लिप रेज़िस्टेंस) की टेस्ट रिपोर्ट माँगें, और टाइल का चुनाव मिस्त्री पर छोड़ें।
टेबल-टॉप और छोटी सजावट
हर प्रोजेक्ट के लिए दीवार ज़रूरी नहीं:
- टाइल वाला टेबल-टॉप: बढ़ई कॉफ़ी टेबल या साइड टेबल के ऊपरी हिस्से में टाइल्स जड़ सकता है। 10 सेमी की सोलह टाइल्स, चार-चार की चार लाइनों में, लगभग 40 × 40 सेमी का टॉप बनाती हैं (जोड़ों की चौड़ाई अलग से)। फ़्रेम बनने से पहले टाइल्स को जोड़ों समेत बिछाकर नाप लें, और बढ़ई से पूछें कि गिरे पानी और गरम कप से सतह को कैसे बचाएँ।
- शेल्फ़ पर एक टाइल: किताबों की अलमारी या डेस्क पर रखी पैटर्न वाली एक टाइल, बिना दीवार पर लगाए, कमरे में रंग भर देती है।
- फ़्रेम वाली टाइल: इसे जैसी है वैसी ही शेल्फ़, डेस्क या साइड टेबल पर रख सकते हैं, और तोहफ़े में देने के लिए भी यह अच्छी रहती है।
टाइल लगाने के लेआउट
लगाने का तरीक़ा बदलते ही एक ही टाइल बिल्कुल अलग दिखने लगती है।
| लेआउट | कैसा दिखता है | किसके लिए अच्छा | टिप |
|---|---|---|---|
| सीधी क़तारें (ग्रिड) | साफ़ क़तारें, पैटर्न बार-बार एक जैसा आता है | किचन की दीवार, छोटे पैनल | प्लान करने और लगाने में सबसे आसान |
| हर टाइल 90° घुमाकर | हर टाइल बगल वाली से घूमी हुई, कोनों पर नए आकार बनते हैं | फ़ीचर वॉल, फ़र्श | पहले ज़मीन पर रखकर देखें: कुछ पैटर्न घुमाने पर बिल्कुल बदल जाते हैं |
| तिरछा (डायगनल) | टाइल्स 45° पर, ग्रिड डायमंड जैसे खानों में दिखता है | एंट्रेंस, फ़र्श | किनारों पर ज़्यादा टाइल्स कटती हैं, इसलिए एक्स्ट्रा टाइल्स ज़्यादा मँगाएँ |
| शतरंज जैसा (चेकरबोर्ड) | पैटर्न वाली और सादी टाइल बारी-बारी से | पैटर्न वाली कम टाइल्स से ज़्यादा जगह भरना | सादी टाइल पैटर्न के बैकग्राउंड वाले रंग में चुनें |
| बॉर्डर या दरी जैसा | बीच में पैटर्न, चारों ओर सादी टाइल्स | बाथरूम और एंट्रेंस का फ़र्श, टेबल-टॉप | पैनल पूरी टाइल्स के हिसाब से रखें, ताकि पैटर्न वाली कोई टाइल न कटे |
| पैचवर्क | कई पैटर्न एक साथ | सीढ़ियों के राइज़र, कैफ़े, एक्सेंट वॉल | सभी पैटर्न में कोई एक रंग कॉमन रखें, ताकि मिक्स सोच-समझकर चुना हुआ लगे |
कुछ भी चिपकाने से पहले टाइल्स को बिना मसाले के, जिस क्रम में लगानी हैं उसी क्रम में, ज़मीन पर बिछाकर देखें। इसे सूखा बिछाना (ड्राई ले) कहते हैं। थोड़ा पीछे हटें, फ़ोटो लें और कमरे के दूसरे कोने से देखें। टाइल्स के रंग में एक डिब्बे से दूसरे डिब्बे तक थोड़ा फ़र्क़ हो सकता है, और हाथ से बनी टाइल्स के साइज़ और मोटाई में भी अक्सर फ़र्क़ होता है, इसलिए एक-एक डिब्बा ख़ाली करने के बजाय कई डिब्बों की टाइल्स मिलाकर बिछाएँ।
रंगों का मेल
मोरक्कन पैटर्न में आमतौर पर एक बैकग्राउंड पर कई रंग होते हैं। चार आसान नियम:
- पैटर्न सिर्फ़ एक सतह पर: किचन की दीवार पर पैटर्न है, तो स्लैब, कैबिनेट और बाक़ी दीवारें सादी रखें।
- टाइल का एक रंग दोहराएँ: पैटर्न में से एक रंग चुनें और कमरे में दो-तीन जगह और इस्तेमाल करें, जैसे तौलिया, कुशन, गमला या फूलदान।
- सादी टाइल्स बैकग्राउंड से मिलाएँ: टाइल के बैकग्राउंड वाले रंग की सादी टाइल्स या पेंट से पैटर्न उस जगह का हिस्सा लगता है।
- रोशनी का ध्यान रखें: छोटे या कम रोशनी वाले कमरे में हल्के बैकग्राउंड वाला पैटर्न, गहरे और घने पैटर्न के मुक़ाबले कमरे को ज़्यादा खुला दिखाता है।
भारतीय घरों में जँचने वाले कुछ मेल:
- नीला और सफ़ेद, सफ़ेद दीवारों और लकड़ी के फ़र्नीचर के साथ: ताज़ा और ठंडा लुक, किचन और बाथरूम के लिए अच्छा।
- हरे रंग, लकड़ी, पीतल और पौधों के साथ: गर्माहट भरा और आँखों को सुकून देने वाला, बालकनी और लिविंग रूम के लिए अच्छा।
- नारंगी और गेरुआ, टेराकोटा, बेंत और ऑफ़-व्हाइट के साथ: मिट्टी जैसा लुक, एंट्रेंस और पूजा के कोने के लिए अच्छा।
Lasaki की रेंज में Petalix, Trivon और Leafloop टाइल्स हरे या नीले रंग में लिस्टेड हैं। Moroccan 4x4 इंच टाइल और लकड़ी के फ़्रेम वाली Moroccan 5.5x5.5 इंच टाइल की लिस्टिंग में कोई रंग नहीं लिखा है, इसलिए उनकी फ़ोटो देख लें।
ग्राउट का रंग भी डिज़ाइन का हिस्सा है
ग्राउट वह मसाला है जो टाइल्स के बीच के जोड़ भरता है, और इसका रंग टाइल वाली सतह का लुक उम्मीद से कहीं ज़्यादा बदल देता है।
| ग्राउट | असर | किसके साथ अच्छा | ध्यान रखें |
|---|---|---|---|
| मिलते रंग का (टाइल के बैकग्राउंड जैसा) | जोड़ छिप जाते हैं, पूरी सतह एक लगती है | घने पैटर्न, जो एक टाइल से अगली तक बिना रुके जुड़ते दिखें | ग्रिड पूरी तरह छिप जाता है |
| कॉन्ट्रास्ट वाला (बहुत हल्का या बहुत गहरा) | हर टाइल और ग्रिड उभरकर दिखते हैं | सीधे-सादे पैटर्न, चेकरबोर्ड, ऐसे लेआउट जिनमें ग्रिड ही डिज़ाइन है | घने पैटर्न के साथ बहुत उलझा हुआ लग सकता है |
| बीच का न्यूट्रल रंग (ग्रे, बेज) | लाइनें दिखती हैं, पर आँखों में चुभती नहीं | मिले-जुले पैटर्न और पैचवर्क | असली टाइल्स के पास रखकर चुनें, फ़ोटो देखकर नहीं |
काम की बातें:
- हल्के ग्राउट पर गंदगी दिखती है। किचन के फ़र्श पर या गैस चूल्हे के पीछे सफ़ेद ग्राउट जल्दी धब्बेदार दिखने लगता है। गहरे रंग का ग्राउट घिसाव और गंदगी को बेहतर छिपाता है।
- सूखने पर ग्राउट का रंग बदलता है। पक्का रंग आने में कई दिन लग सकते हैं, और ताज़ा घुला ग्राउट सूखे ग्राउट से अलग दिखता है। मिस्त्री से किसी एक्स्ट्रा टाइल या बोर्ड पर टेस्ट करवाएँ, और उसे सूखने के बाद दिन की रोशनी और बल्ब की रोशनी, दोनों में देखें। जोड़ कितना चौड़ा रखना है, यह भी मिस्त्री पर छोड़ दें।
टाइल का साइज़ कैसे पढ़ें, और गिनती का आसान हिसाब
पैटर्न वाली टाइल्स अक्सर इंच वाले साइज़ से बिकती हैं, और हमारी प्रोडक्ट लिस्टिंग में नाप सेंटीमीटर में भी दिया है:
- 4x4 इंच की टाइल का नाप लगभग 10 × 10 × 1 सेमी लिखा है: 10 × 10 सेमी उसकी सतह का नाप है, और ऊँचाई के तौर पर लिखा 1 सेमी दरअसल टाइल की मोटाई है।
- लकड़ी के फ़्रेम वाली 5.5x5.5 इंच की टाइल का नाप लगभग 14 × 14 × 2.5 सेमी लिखा है। लिस्टिंग में यह नहीं लिखा कि 14 सेमी सिर्फ़ टाइल का नाप है या फ़्रेम समेत, इसलिए फ़ोटो देखें या हमसे पूछें।
- रेंज की 6x6 इंच की टाइल्स का नाप लगभग 15 × 15 × 1 सेमी लिखा है।
टेबल-टॉप या छोटे पैनल के लिए 10 × 10 सेमी की कितनी टाइल्स लगेंगी, इसका अंदाज़ा ऐसे लगाएँ:
- जगह को मीटर में नापें और लंबाई को चौड़ाई से गुणा करें। 60 सेमी लंबा और 40 सेमी चौड़ा कॉफ़ी टेबल का टॉप: 0.6 × 0.4 = 0.24 स्क्वेयर मीटर।
- इसे 100 से गुणा करें, क्योंकि एक टाइल लगभग 0.01 स्क्वेयर मीटर ढकती है: यानी लगभग 24 टाइल्स, छह-छह की चार लाइनें। अगर आप स्क्वेयर फ़ुट में हिसाब लगाते हैं, तो 4x4 इंच की 9 टाइल्स से एक स्क्वेयर फ़ुट भरता है।
- जोड़ों की वजह से गिनती थोड़ी घटती है; कटिंग, टूट-फूट और बाद की मरम्मत के लिए एक्स्ट्रा टाइल्स जोड़ने से बढ़ती है। एक्स्ट्रा टाइल्स समेत सारी टाइल्स एक साथ ख़रीदें, क्योंकि ज़रूरी नहीं कि बाद वाले बैच का रंग हूबहू मिले।
एक ही सतह पर अलग-अलग मोटाई की टाइल्स लगानी हैं? लगाने वाले बढ़ई या मिस्त्री को पहले बता दें, ताकि सबकी सतह एक बराबर लाई जा सके।
इस गाइड में Lasaki की टाइल्स
| टाइल | नाप (प्रोडक्ट डेटा) | रंग (प्रोडक्ट डेटा) |
|---|---|---|
| Moroccan tile 4x4 inch | लगभग 10 × 10 × 1 सेमी | लिखा नहीं है; फ़ोटो देखें |
| Petalix green tile 4x4 inch | लगभग 10 × 10 × 1 सेमी | हरा |
| Trivon blue tile 4x4 inch | लगभग 10 × 10 × 1 सेमी | नीला |
| Leafloop blue tile 4x4 inch | लगभग 10 × 10 × 1 सेमी | नीला |
| Leafloop green tile 4x4 inch | लगभग 10 × 10 × 1 सेमी | हरा |
| Moroccan tile 5.5x5.5 inch with wooden frame | लगभग 14 × 14 × 2.5 सेमी | लिखा नहीं है; फ़ोटो देखें |
| Petalix green tile 5.5x5.5 inch with wooden frame | लगभग 14 × 14 × 2.5 सेमी | हरा |
रेंज में मिंट, नारंगी, नीले और गहरे हरे रंग की Moroccan 4x4 इंच टाइल्स भी लिस्टेड हैं। इसके अलावा Trivon और Leafloop के और रंग, और 6x6 इंच के दो डिज़ाइन भी हैं; इनके बारे में हमसे पूछें। पूरी रेंज Handmade Tiles पेज पर देखें।
आम ग़लतियाँ और उनका हल
| ग़लती | क्या होता है | हल |
|---|---|---|
| हर सतह पर पैटर्न | कमरा ठसाठस भरा लगता है और टाइल्स का असर खो जाता है | पैटर्न एक सतह पर, बाक़ी सादा |
| डिब्बे से निकालकर सीधे लगा देना | एक जैसे शेड एक जगह इकट्ठा दिखते हैं | पहले सूखा बिछाकर देखें और कई डिब्बों की टाइल्स मिलाएँ |
| किचन के फ़र्श पर सफ़ेद ग्राउट | ग्राउट मटमैला और धब्बेदार हो जाता है | बीच का या गहरा रंग चुनें |
| सीढ़ी के ट्रेड पर दीवार या सजावट वाली टाइल | पैर फिसल सकता है, ख़ासकर सीढ़ी गीली हो तो | पैटर्न राइज़र पर; ट्रेड पर फ़र्श वाली, न फिसलने वाली टाइल |
| सजावटी टाइल को हर जगह के लायक़ मान लेना | शावर, फ़र्श या बाहर की दीवार पर दिक़्क़त | पहले सप्लायर और मिस्त्री से पूछें |
झटपट चेकलिस्ट
- हर कमरे में पैटर्न एक ही सतह पर, बाक़ी सब सादा।
- लेआउट तय करके ज़मीन पर सूखा बिछाकर देखा।
- कई डिब्बों की टाइल्स आपस में मिलाईं।
- टाइल का एक रंग कमरे में कहीं और दोहराया।
- ग्राउट का रंग एक्स्ट्रा टाइल पर टेस्ट किया और सूखने के बाद देखा।
- जगह नापी, टाइल्स गिनीं, एक्स्ट्रा टाइल्स उसी समय मँगाईं।
- गीली जगह, फ़र्श, सीढ़ी और बाहर की दीवार के लिए टाइल ठीक है या नहीं, यह सप्लायर और मिस्त्री से पक्का किया।
इंटीरियर डिज़ाइनर, आर्किटेक्ट, रिटेलर और कैफ़े के लिए
हर लिस्टिंग में नाप सेंटीमीटर में दिया है, इसलिए आप ऑर्डर से पहले ही पैनल या टेबल-टॉप का प्लान बना सकते हैं। इंटीरियर डिज़ाइनर, आर्किटेक्ट, टाइल रिटेलर, कैफ़े और होटल Lasaki कैटलॉग से ऑर्डर करने के लिए ट्रेड एक्सेस की रिक्वेस्ट भेज सकते हैं। जो बात लिस्टिंग में न मिले, जैसे कोई टाइल किसी ख़ास जगह के लिए ठीक है या नहीं, उसके लिए हमसे पूछें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मोरक्कन टाइल्स के साथ ग्राउट का कौन-सा रंग अच्छा लगता है?
यह इस पर निर्भर करता है कि आपको कैसा लुक चाहिए। टाइल के बैकग्राउंड से मिलता ग्राउट जोड़ों को छिपा देता है, जिससे घना पैटर्न एक टाइल से अगली तक बिना रुके चलता दिखता है। कॉन्ट्रास्ट वाला ग्राउट हर टाइल की लाइन उभार देता है, जो सादे पैटर्न और चेकरबोर्ड पर जँचता है। ग्रे या बेज बीच का सुरक्षित रास्ता है। किचन और फ़र्श पर एकदम सफ़ेद ग्राउट से बचें, क्योंकि उस पर गंदगी जल्दी दिखती है, और तय करने से पहले एक एक्स्ट्रा टाइल पर रंग आज़मा लें।
क्या पैटर्न वाली टाइल्स शावर में या बाथरूम के फ़र्श पर लगा सकते हैं?
हाँ, पर तभी जब वह टाइल, और उसके साथ लगने वाला टाइल एडहेसिव और ग्राउट, गीली जगह के लिए ठीक हों, और फ़र्श पर लगने वाली टाइल गीली होने पर फिसले नहीं। यह टाइल के अपने गुणों पर निर्भर करता है, इसलिए सप्लायर से उसकी तकनीकी जानकारी (स्पेसिफ़िकेशन) माँगें और फ़ैसला अनुभवी टाइल मिस्त्री पर छोड़ें। हमारे प्रोडक्ट डेटा में Lasaki टाइल्स के लिए यह दर्ज नहीं है कि वे गीली जगह या फ़र्श के लिए ठीक हैं या नहीं, इसलिए जिस टाइल की बात है, उसके बारे में हमसे पूछें।
1 स्क्वेयर फ़ुट या 1 स्क्वेयर मीटर में 4x4 इंच की कितनी टाइल्स लगती हैं?
एक स्क्वेयर फ़ुट में लगभग 9 टाइल्स, क्योंकि एक फ़ुट यानी 12 इंच में 4 इंच की तीन टाइल्स आती हैं, लंबाई में भी और चौड़ाई में भी। मीटर में देखें तो 4x4 इंच की टाइल का नाप लगभग 10 × 10 सेमी लिखा है, इसलिए एक स्क्वेयर मीटर में लगभग 100 टाइल्स लगती हैं। इन दोनों गिनतियों में जोड़ शामिल नहीं हैं: जोड़ों से गिनती थोड़ी घटती है, और कटिंग, टूट-फूट और मरम्मत के लिए रखी एक्स्ट्रा टाइल्स से बढ़ती है। आपके लेआउट के हिसाब से पक्की गिनती टाइल लगाने वाले बता सकते हैं।
क्या छोटे फ़्लैट में पैटर्न वाली टाइल्स से घर और छोटा या उलझा हुआ लगेगा?
ज़रूरी नहीं, अगर पैटर्न एक ही सतह पर रहे, जैसे किचन की दीवार, बाथरूम की एक दीवार या सीढ़ियों के राइज़र, और आस-पास की दीवारें और फ़र्श सादे रहें। कमरा छोटा हो या उसमें रोशनी कम आती हो, तो हल्के बैकग्राउंड वाला पैटर्न चुनें, और पूरी दीवार की जगह सादी टाइल्स से घिरा एक पैनल लगवाने का सोचें: उसमें पैटर्न वाली टाइल्स बहुत कम लगती हैं।
Lasaki की टाइल्स किन साइज़ में आती हैं?
हमारे प्रोडक्ट डेटा में Handmade Tiles रेंज के तीन साइज़ हैं: 4x4 इंच की टाइल्स, लगभग 10 × 10 × 1 सेमी; 6x6 इंच की टाइल्स, लगभग 15 × 15 × 1 सेमी; और लकड़ी के फ़्रेम वाली 5.5x5.5 इंच की टाइल्स, लगभग 14 × 14 × 2.5 सेमी। हर लिस्टिंग में नाप सेंटीमीटर में दिया है।
क्या सीढ़ियों पर मोरक्कन टाइल्स लगा सकते हैं?
हाँ, राइज़र पर, यानी सीढ़ी के उस खड़े हिस्से पर जिस पर कोई पैर नहीं रखता। ट्रेड यानी पैर रखने वाला हिस्सा फ़र्श ही है, इसलिए वहाँ ऐसी टाइल लगाएँ जिसके बारे में मिस्त्री ने पक्का किया हो कि वह फिसलती नहीं। बाहर की जो सीढ़ियाँ बरसात में भीगती हैं, उनके राइज़र बाहर की दीवार जैसे ही हैं, इसलिए उनकी टाइल भी मिस्त्री से चेक करवा लें।
इस गाइड में बताए गए प्रोडक्ट
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रिटेलर, नर्सरी, कैफ़े और इंटीरियर डिज़ाइनर ट्रेड अकाउंट से Lasaki का पूरा कैटलॉग ऑर्डर कर सकते हैं।
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