डेस्क या खिड़की पर छोटे गमले में सकलेंट और कैक्टस की देखभाल कैसे करें
डेस्क पर रखे सकलेंट की दो सबसे आम दिक़्क़तें हैं: ज़्यादा पानी और कम रोशनी। जानिए सकलेंट और कैक्टस को कितनी धूप चाहिए, कैसी मिट्टी, पानी कब दें, बरसात में सड़न से कैसे बचाएँ और छोटा गमला कैसे चुनें। साथ में Lasaki के सबसे छोटे गमलों के नाप सेंटीमीटर में।
Lasaki Ceramics टीम18 मिनट
प्रोडक्ट की जानकारी जाँची गई: 28 अक्टूबर 2026

इस गाइड में
- सकलेंट, कैक्टस और छोटे गमले का मेल
- डेस्क और खिड़की के लिए आसान सकलेंट
- रोशनी: डेस्क की असली दिक़्क़त
- मिट्टी: दरदरी और जल्दी पानी निकालने वाली
- पानी: भरपूर दें, निकलने दें, फिर सूखने दें
- बरसात: जब सकलेंट सड़ने लगते हैं
- पानी ज़्यादा है या कम?
- सकलेंट के लिए छोटा गमला कैसे चुनें
- कई सकलेंट एक साथ लगाना
- झटपट चेकलिस्ट
- कैफ़े, ऑफ़िस, दुकान और नर्सरी के लिए
डेस्क या खिड़की पर रखा छोटा-सा सकलेंट अक्सर किसी का पहला पौधा होता है, और साथ में यह भरोसा भी मिलता है कि "यह तो कभी मरता ही नहीं"। फिर कुछ हफ़्तों में वह पीला और नरम पड़ने लगता है, या लंबा और फीका होकर खिड़की की तरफ़ झुक जाता है। वजह अक्सर लापरवाही नहीं होती। डेस्क पर रखे सकलेंट की दो सबसे आम दिक़्क़तें हैं: ज़्यादा पानी और कम रोशनी।
अच्छी बात यह है कि इसका इलाज आसान है, और छोटा गमला इसमें मदद ही करता है। इस गाइड में बताया गया है कि भारतीय घरों और दफ़्तरों में सकलेंट और कैक्टस को कितनी धूप, कैसी मिट्टी और कितना पानी चाहिए, बरसात में उनका ध्यान कैसे रखें, और छोटा गमला कैसे चुनें। Lasaki सेरामिक गमले बनाता है, पौधे नहीं बेचता, इसलिए पौधों की देखभाल की ये बातें सामान्य सलाह हैं, जो जानी-मानी बागवानी संस्थाओं की गाइडों पर आधारित हैं।
सकलेंट, कैक्टस और छोटे गमले का मेल
सकलेंट ऐसे पौधे हैं जो अपनी मोटी, गूदेदार पत्तियों या तनों में पानी जमा करके रखते हैं। कैक्टस भी सकलेंट का ही एक समूह है। उसकी पहचान है एरिओल: तने पर बनी छोटी गद्दी जैसी जगह, जहाँ से काँटे, फूल और शाखाएँ निकलती हैं। यानी हर कैक्टस सकलेंट है, पर एलोवेरा, जेड प्लांट और हॉवर्थिया ऐसे सकलेंट हैं जो कैक्टस नहीं हैं।
छोटा गमला इन्हें क्यों रास आता है, यह अमेरिका की आयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी की बागवानी सलाह सेवा (एक्सटेंशन) बताती है: छोटे या उथले गमले में मिट्टी कम होती है, इसलिए वह जल्दी सूख जाती है। कम मिट्टी यानी जड़ों के आसपास कम नमी, और जड़ सड़ने का ख़तरा भी कम।
डेस्क और खिड़की के लिए आसान सकलेंट
एक ही क़िस्म के पौधों में भी धूप की ज़रूरत और साइज़ अलग हो सकते हैं, इसलिए इस टेबल को बस एक मोटा अंदाज़ा मानें:
| पौधा | रोशनी | ध्यान रखने की बात |
|---|---|---|
| हॉवर्थिया | तेज़ रोशनी, पर कुछ कम रोशनी भी झेल लेता है | छोटा ही रहता है; एनसी स्टेट एक्सटेंशन इसे डेस्क पर रखने लायक पौधा बताती है |
| एचेवेरिया (गुलाब के फूल जैसी बनावट वाले सकलेंट) | तेज़ रोशनी | पानी मिट्टी में दें, पत्तियों के बीच में नहीं; वहाँ रुका पानी सड़न ला सकता है |
| एलोवेरा (ग्वारपाठा, घीकुंवार) | पूरी धूप से लेकर हल्की छाँव तक | दो बार पानी देने के बीच मिट्टी को पूरी तरह सूखने दें |
| जेड प्लांट (Crassula ovata) | धूप वाली जगह, दोपहर बाद थोड़ी छाँव | सालों में छोटे पेड़ जैसा बन जाता है, इसलिए छोटा गमला बस छोटे पौधे के लिए है |
| छोटे कैक्टस | तेज़ रोशनी; ज़्यादातर को पूरी धूप पसंद है | गमला बदलते समय काँटेदार पौधे को मोड़े हुए अख़बार से पकड़ें |
| स्नेक प्लांट (सैंसेवेरिया) | कम रोशनी झेल लेता है | यह भी सकलेंट है, पर लंबा और पतला बढ़ता है, इसलिए इसे मिनी गमले से चौड़ा और भारी गमला चाहिए, जो आसानी से न गिरे |
रोशनी: डेस्क की असली दिक़्क़त
ज़्यादातर सकलेंट और कैक्टस को तेज़ रोशनी चाहिए: इलिनॉय यूनिवर्सिटी एक्सटेंशन दिन में कम से कम छह से आठ घंटे तेज़ रोशनी की सलाह देती है। कमरे में सबसे ज़्यादा रोशनी खिड़की के ठीक पास होती है। कमरे या ऑफ़िस के बीच रखी डेस्क पर, जहाँ बस छत की लाइट पहुँचती है, रोशनी आम तौर पर लंबे समय के लिए काफ़ी नहीं होती। पौधा ख़ुद बता देता है: वह लंबा और फीका होने लगता है और खिड़की की ओर झुक जाता है।
- खिड़की के पास रखें। खिड़की की चौखट पर, या तेज़ रोशनी वाली खिड़की से सटी डेस्क पर रखने से सबसे ज़्यादा फ़र्क़ पड़ता है।
- गमला घुमाते रहें। हर हफ़्ते-दस दिन में थोड़ा घुमा दें, ताकि पौधा एक तरफ़ न झुके।
- लाइट लगाएँ। दिन की रोशनी कम पड़े तो अमेरिकी यूनिवर्सिटियों की बागवानी गाइड LED या फ़्लोरोसेंट ग्रो लाइट की सलाह देती हैं।
ज़्यादा धूप भी नुक़सान कर सकती है, ख़ासकर भारत की गर्मियों में। आयोवा स्टेट की सलाह है कि जो सकलेंट अब तक घर के अंदर रहा हो, उसे बाहर रखना हो तो पहले हल्की धूप वाली जगह दें, क्योंकि तेज़ धूप पत्तियाँ और तने झुलसा सकती है। पौधे को तेज़ धूप में धीरे-धीरे ले जाएँ, और सबसे गर्म महीनों में दोपहर बाद थोड़ी छाँव दें।
मिट्टी: दरदरी और जल्दी पानी निकालने वाली
साधारण पॉटिंग मिट्टी सकलेंट के लिए बहुत ज़्यादा पानी रोकती है। आपको ऐसा मिक्स चाहिए जिसमें से पानी जल्दी निकल जाए और जो कभी कीचड़ जैसा न बने।
- सबसे आसान: नर्सरी से कैक्टस और सकलेंट का बना-बनाया मिक्स।
- ख़ुद बनाना हो तो: इलिनॉय एक्सटेंशन के अनुसार एक हिस्सा जैविक चीज़, जैसे पॉटिंग मिट्टी या कोकोपीट, और दो हिस्से दरदरी चीज़, जैसे मोटी रेत, पर्लाइट या प्यूमिस (झाँवा पत्थर)। रेत मोटी और दरदरी हो, बारीक नहीं। ब्रिटेन की RHS (रॉयल हॉर्टिकल्चरल सोसाइटी) इससे कम बजरी वाला मिक्स बताती है। अनुपात अलग-अलग हैं, पर दोनों का मक़सद एक है: पानी जल्दी निकले।
- ऊपर से बजरी या बारीक कंकड़ की एक पतली परत बिछा दें, जैसा RHS सुझाती है। डेस्क पर यह साफ़-सुथरा भी दिखता है।
पानी: भरपूर दें, निकलने दें, फिर सूखने दें
सकलेंट के मरने की सबसे आम वजह है ज़रूरत से ज़्यादा पानी। रोज़ थोड़ा-थोड़ा पानी देने से मिट्टी कभी सूख ही नहीं पाती। इसकी जगह ऐसे पानी दें:
- पहले जाँचें। उँगली या लकड़ी की सींक मिट्टी में डालकर देखें। छोटे गमले में मिट्टी लगभग तली तक सूखी लगनी चाहिए।
- भरपूर पानी दें, इतना कि ड्रेनेज छेद से पानी बाहर आने लगे।
- पानी निकलने दें, फिर प्लेट या ट्रे ख़ाली कर दें। गमले को कभी पानी में खड़ा न छोड़ें।
- फिर इंतज़ार करें, जब तक मिक्स पूरी तरह सूख न जाए।
पानी देने से पहले और बाद में गमला उठाकर भी देखें। सूखी मिट्टी वाला छोटा गमला काफ़ी हल्का लगता है।
कितने दिन में पानी दें? कुछ अमेरिकी यूनिवर्सिटियों की बागवानी गाइड शुरुआत के लिए दो-तीन हफ़्ते में एक बार बताती हैं, पर मिट्टी कितनी जल्दी सूखेगी, यह रोशनी, गर्मी, नमी, मिट्टी और गमले पर निर्भर करता है। मई में धूप वाली खिड़की पर रखा छोटा गमला कुछ ही दिनों में सूख सकता है, और वही गमला बरसात में कहीं ज़्यादा दिन गीला रह सकता है। इसलिए दिन न गिनें, मिट्टी जाँचें:
| मौसम | क्या बदलता है | क्या करें |
|---|---|---|
| गर्मी | गर्मी और तेज़ धूप से छोटे गमले जल्दी सूखते हैं | ज़्यादा बार जाँचें; सूखने पर भरपूर पानी दें, पर अगर सबसे गर्म हफ़्तों में पौधा बढ़ता न दिखे, तो कम बार पानी दें; दोपहर बाद की कड़ी धूप से बचाएँ |
| बरसात | उमस, बादल और बारिश से मिट्टी देर से सूखती है | पानी बहुत कम दें; पूरी बात नीचे बरसात वाले हिस्से में |
| सर्दी | पौधे आम तौर पर धीरे बढ़ते हैं, ख़ासकर उत्तर भारत की कड़ाके की सर्दी में | कम बार पानी दें और मिक्स को ज़्यादा दिन सूखा रहने दें |
बरसात: जब सकलेंट सड़ने लगते हैं
सकलेंट के लिए बरसात सबसे मुश्किल मौसम है। उमस और बादलों में मिट्टी देर से सूखती है, और बालकनी या खुली खिड़की पर आती बौछार गमले को कई दिन गीला रख सकती है। लगातार गीली मिट्टी ही जड़ सड़ने की वजह बनती है।
- गमलों को बारिश से बचाएँ। उन्हें छज्जे के नीचे, या घर के अंदर किसी रोशन खिड़की के पास ले आएँ।
- पानी बहुत कम दें, और वह भी मिट्टी जाँचने के बाद।
- हर बारिश और हर बार पानी देने के बाद प्लेट और ट्रे ख़ाली करें।
- एचेवेरिया जैसे पौधों में पत्तियों के बीच पानी न रुकने दें।
पानी ज़्यादा है या कम?
| क्या दिख रहा है | क्या वजह हो सकती है | क्या करें |
|---|---|---|
| पत्तियाँ या तने पीले और नरम; पौधा ढह जाता है | मिट्टी बहुत गीली | पानी बंद करें, मिट्टी पूरी सूखने दें, जड़ें देखें |
| जेड प्लांट की पत्तियाँ झड़ रही हैं | ज़्यादा पानी हो सकता है | दोबारा पानी देने से पहले मिट्टी और जड़ें जाँचें |
| नीचे की पत्तियाँ सिकुड़ी हुई या सूखती हुई | बहुत सूखा | मिक्स सूखा हो तो भरपूर पानी दें, फिर वही तरीक़ा अपनाएँ: भरपूर दें, निकलने दें, फिर सूखने दें। मिक्स अभी भी नम हो, तो पानी की जगह जड़ें जाँचें |
| लंबे, फीके तने जो एक तरफ़ झुके हैं | रोशनी कम | खिड़की के पास रखें और गमला घुमाते रहें |
सकलेंट के लिए छोटा गमला कैसे चुनें
सबसे ज़रूरी बातें
- ड्रेनेज छेद। अमेरिकी यूनिवर्सिटियों की बागवानी गाइड साफ़ कहती हैं कि जिस गमले में सीधे पौधा लगाना है, उसमें पानी निकलने के छेद होने चाहिए। कोई गमला बहुत पसंद है पर उसमें छेद नहीं है, तो उसे कवर पॉट की तरह इस्तेमाल करें: पौधे को छेद वाले छोटे प्लास्टिक पॉट में लगाएँ, उस पॉट को इस गमले के अंदर रख दें, और नीचे जो पानी जमा हो उसे निकाल दें।
- पौधे से बस थोड़ा बड़ा। RHS चेताती है कि बहुत बड़े गमले में फ़ालतू मिट्टी गीली पड़ी रहती है, और आयोवा स्टेट कहती है कि गमला बस इतना बड़ा हो कि जड़ें उसमें आ जाएँ। गमला बदलते समय नया गमला पुराने से 2.5 से 5 सेमी (1 से 2 इंच) ज़्यादा चौड़ा हो, तो ठीक रहता है।
- उथला गमला भी चलेगा। बहुत से सकलेंट कम गहरे गमलों में अच्छे से बढ़ते हैं। लंबा कैक्टस, या ऊपर से भारी होता जेड प्लांट, ऐसा गमला माँगता है जो इतना चौड़ा और वज़नदार हो कि गिरे नहीं।
- नीचे कुछ रखें। डेस्क या खिड़की की लकड़ी की चौखट पर प्लेट या ट्रे नीचे की सतह को पानी के दाग़ से बचाती है।
- खुला मुँह। ऊपर से सँकरे गमले में से काँटेदार कैक्टस को बाद में निकालना मुश्किल होता है।
बिना ग्लेज़ वाले टेराकोटा (पकी मिट्टी) के गमलों की दीवारों से नमी बाहर निकलती रहती है, इसलिए उनमें मिक्स जल्दी सूखता है। प्लास्टिक के गमले की दीवारों से नमी बाहर नहीं निकलती, इसलिए उसमें मिक्स आम तौर पर ज़्यादा देर गीला रहता है।
Lasaki के छोटे गमले, सेंटीमीटर में
Lasaki के सेरामिक गमलों में से कुछ सबसे छोटे गमले। नीचे दिए नाप हमारी प्रोडक्ट लिस्टिंग से हैं:
| गमला | नाप | जानने लायक |
|---|---|---|
| Mini pot antique | लगभग 8 × 8 × 8 सेमी (लंबाई × चौड़ाई × ऊँचाई) | सफ़ेद, मिंट और कई दूसरे रंगों में भी |
| Pi pot 5 white | लगभग 7.5 सेमी ऊँचा, 7.5 सेमी चौड़ा | नंबर वाले Pi pot में सबसे छोटा |
| Pi pot 4 white | लगभग 9 सेमी ऊँचा, 9 सेमी चौड़ा | Pi pot 4 painting भी है, जो कई रंगों वाला (Multi) है |
| Softsquare 3 inch white with tray | लगभग 7.5 × 7.5 × 7.5 सेमी | ट्रे के साथ |
| Core with plate white | लगभग 8 सेमी ऊँचा, 9.5 सेमी चौड़ा | प्लेट के साथ |
| Buddha 3.5 inch antique | लगभग 9 सेमी ऊँचा, 8.5 सेमी चौड़ा | बुद्ध वाला डिज़ाइन |
| Square menon small white | लगभग 9 × 9 सेमी, 6 सेमी ऊँचा | कम ऊँचाई वाला चौकोर गमला |
| Heartstone white | लगभग 10.5 × 10.5 सेमी, 5 सेमी ऊँचा | इस सूची में सबसे कम ऊँचा |
पौधे के लिए इन नापों का क्या मतलब है? 2.5 से 5 सेमी वाले नियम से 8 सेमी का गमला उस पौधे के लिए ठीक है जिसका रूट बॉल (जड़ों और उनसे चिपकी मिट्टी का गोला) या नर्सरी पॉट लगभग 3 से 5.5 सेमी का हो, यानी छोटा सकलेंट या छोटा कैक्टस। गमले की दीवार भी जगह लेती है, इसलिए अंदर की जगह बाहर के नाप से थोड़ी कम होती है।
हमारी लिस्टिंग में यह नहीं लिखा कि किसी गमले में ड्रेनेज छेद है या नहीं। इसलिए उसमें सीधे पौधा लगाने से पहले प्रोडक्ट की फ़ोटो देखें या हमसे पूछें। छेद न हो, तब भी ऊपर बताया कवर पॉट वाला तरीक़ा काम आता है।
प्लेट या ट्रे के साथ आने वाले गमले
डेस्क के लिए ऐसा गमला सुविधाजनक है जिसके साथ अपनी प्लेट या ट्रे हो, अलग से ढूँढनी नहीं पड़ती। ऊपर दिए Softsquare और Core गमले प्लेट या ट्रे के साथ आते हैं, और ऐसे और गमले प्लेट वाले गमलों में मिलेंगे। बाक़ी गमलों के लिए छोटी प्लेटें गमलों की प्लेटें वाले सेक्शन में हैं, जैसे Plate circular 3 inch white R3, जो लगभग 9.5 सेमी चौड़ी और 1.5 सेमी ऊँची है। कौन-सी प्लेट किस गमले पर बैठेगी, यह हमारी लिस्टिंग में नहीं लिखा, इसलिए अपने गमले की तली नापें और उससे थोड़ी चौड़ी प्लेट लें।
कई सकलेंट एक साथ लगाना
एक कम ऊँचे गमले में दो-तीन छोटे सकलेंट साथ लगा दें, तो डेस्क या टेबल पर अच्छा लगता है। ऐसे में RHS की सलाह है कि गमला बस इतना बड़ा हो कि सारे पौधे उसमें आ जाएँ। एक जैसी धूप और पानी पसंद करने वाले पौधे ही साथ लगाएँ, जैसे छोटे कैक्टस। Heartstone white (लगभग 10.5 × 10.5 सेमी, 5 सेमी ऊँचा) और Square menon small white (लगभग 9 × 9 सेमी, 6 सेमी ऊँचा) में दो-तीन बहुत छोटे पौधों की जगह है, और सबसे छोटे, कम गहरे बोन्साई गमलों में भी। पर पौधों का समूह सीधे गमले में तभी लगाएँ जब उसमें ड्रेनेज छेद हो: प्रोडक्ट की फ़ोटो देखें या हमसे पूछें।
झटपट चेकलिस्ट
- खिड़की के पास रोशन जगह, और हर हफ़्ते गमला घुमाना।
- दरदरा, जल्दी पानी निकालने वाला मिक्स।
- ड्रेनेज छेद वाला गमला (या कवर पॉट), जो पौधे से बस थोड़ा बड़ा हो।
- मिट्टी सूखने पर ही भरपूर पानी, फिर प्लेट ख़ाली।
- बरसात और सर्दी में बहुत कम पानी।
कैफ़े, ऑफ़िस, दुकान और नर्सरी के लिए
कैफ़े की टेबल, रिसेप्शन डेस्क या गिफ़्ट काउंटर पर, जहाँ जगह कम हो, छोटे गमलों में सकलेंट अच्छे से समा जाते हैं, बशर्ते वहाँ रोशनी अच्छी हो। अगर आप गमले बड़ी संख्या में ले रहे हैं, तो जिन नर्सरी पॉट में आपके पौधे आते हैं उन्हें नापें और ऊपर दिए सेमी के नापों से मिलाएँ, ताकि नर्सरी पॉट सेरामिक गमले के अंदर आ जाए और सेरामिक गमला कवर पॉट का काम करे, या जिस गमले में ड्रेनेज छेद हो उसमें पौधा सीधे लग जाए।
रिटेलर, नर्सरी, कैफ़े और इंटीरियर डिज़ाइनर Lasaki कैटलॉग से ऑर्डर करने के लिए ट्रेड एक्सेस का अनुरोध कर सकते हैं। जो बात हमारी लिस्टिंग में नहीं है, जैसे ड्रेनेज छेद या कौन-सी प्लेट किस गमले पर आएगी, उसके लिए हमसे पूछें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सकलेंट को ऑफ़िस की डेस्क पर रख सकते हैं?
तभी, जब डेस्क पर दिन की अच्छी रोशनी आती हो। ज़्यादातर सकलेंट को तेज़ रोशनी चाहिए, और जिस डेस्क पर सिर्फ़ छत की लाइट पड़ती है, वहाँ उन्हें लंबे समय तक काफ़ी रोशनी नहीं मिलती। गमले को खिड़की पर या उसके ठीक बग़ल में रखें, या हॉवर्थिया चुनें जो कुछ कम रोशनी भी झेल लेता है। LED ग्रो लाइट भी काम आती है। पौधा लंबा और फीका होकर एक तरफ़ झुकने लगे, तो समझिए उसे और रोशनी चाहिए।
छोटे गमले में सकलेंट को कितने दिन में पानी दें?
इसका कोई तय दिन नहीं है। पानी तभी दें जब मिक्स लगभग गमले की तली तक सूख चुका हो, फिर इतना दें कि नीचे से निकल जाए, और प्लेट ख़ाली कर दें। गर्मियों में धूप वाली खिड़की पर मिट्टी जल्दी सूख सकती है, बरसात या ठंड में काफ़ी देर से। कैलेंडर से ज़्यादा भरोसेमंद है उँगली, लकड़ी की सींक या गमले का वज़न।
क्या सकलेंट के गमले में ड्रेनेज छेद ज़रूरी है?
जिस गमले में सीधे पौधा लगा रहे हैं, उसमें छेद होना चाहिए ताकि फ़ालतू पानी निकल सके। बिना छेद वाला गमला पसंद हो, तो पौधे को छेद वाले नर्सरी पॉट में ही रहने दें और सेरामिक गमले को बाहरी कवर की तरह इस्तेमाल करें; पानी देने के बाद उसे ख़ाली कर दें। Lasaki की प्रोडक्ट लिस्टिंग में यह नहीं लिखा कि गमले में ड्रेनेज छेद है या नहीं, इसलिए प्रोडक्ट की फ़ोटो देखें या उस गमले के बारे में हमसे पूछें।
बरसात में मेरा सकलेंट नरम और पीला क्यों हो रहा है?
आम तौर पर इसलिए कि मिट्टी गीली ही बनी रहती है। उमस, बादल और बारिश से मिट्टी देर से सूखती है, और गीली मिट्टी में जड़ें सड़ सकती हैं। गमले को बारिश से हटाएँ, मिक्स पूरा सूखने तक पानी बंद रखें और प्लेट ख़ाली करें। तने का निचला हिस्सा नरम और काला लगे, तो हो सकता है जड़ें सड़ने लगी हों; पौधा निकालकर जड़ें जाँचें, जैसा बरसात वाले हिस्से में बताया है।
छोटे कैक्टस के लिए कितना बड़ा गमला चाहिए?
पौधे से बस थोड़ा बड़ा। आम नियम है कि गमला पुराने गमले या रूट बॉल से 2.5 से 5 सेमी (1 से 2 इंच) ज़्यादा चौड़ा हो। इस हिसाब से Lasaki का Mini pot (लगभग 8 × 8 × 8 सेमी) क़रीब 3 से 5.5 सेमी के रूट बॉल के लिए ठीक है। जो लंबा कैक्टस आसानी से गिर जाता है, उसे ज़्यादा चौड़ा और भारी गमला चाहिए। हमारी लिस्टिंग में ड्रेनेज छेद के बारे में नहीं लिखा, इसलिए फ़ोटो देखें या हमसे पूछें; छेद न हो तो छेद वाले नर्सरी पॉट को इसके अंदर रखकर इसे कवर पॉट की तरह इस्तेमाल करें।
क्या Lasaki सकलेंट या पॉटिंग मिक्स बेचता है?
नहीं। Lasaki सेरामिक गमले, गमलों की प्लेट और ट्रे, और दूसरी सजावटी चीज़ें बनाता है; पौधे, मिट्टी या खाद नहीं बेचता। पौधे और कैक्टस-सकलेंट मिक्स के लिए पास की नर्सरी सबसे अच्छी जगह है। जिन नर्सरी, रिटेलर, कैफ़े या इंटीरियर डिज़ाइनरों को बड़ी संख्या में छोटे गमले चाहिए, वे Lasaki कैटलॉग के लिए ट्रेड एक्सेस का अनुरोध कर सकते हैं।
इस गाइड में बताए गए प्रोडक्ट
अपनी दुकान में Lasaki के गमले, फूलदान और सजावट का सामान रखें
रिटेलर, नर्सरी, कैफ़े और इंटीरियर डिज़ाइनर ट्रेड अकाउंट से Lasaki का पूरा कैटलॉग ऑर्डर कर सकते हैं।
यह गाइड शेयर करें
WhatsApp पर भेजें











